रत्न
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कुंडली अनुसार सही रत्न धारण करें

गलत रत्न अशुभ प्रभाव बढ़ा सकता है। गुरुजी कुंडली, ग्रह बल, दशा, धातु, उंगली, वजन, सिद्धि और धारण विधि देखकर ही रत्न की सलाह देते हैं।

  • कुंडली विश्लेषण के बाद ही रत्न की सिफारिश
  • प्रमाणित और लैब टेस्टेड रत्नों पर मार्गदर्शन
  • सिद्धि अनुष्ठान, धारण मंत्र और विधि
  • पहले से पहने रत्नों की अनुकूलता जांच
रत्न परामर्श
Certified सिद्धि विधि सहित
शास्त्रसम्मत मार्गदर्शन

सावधान: बिना परामर्श रत्न न पहनें

राशि देखकर या सामान्य सलाह से रत्न पहनना कई बार उल्टा प्रभाव दे सकता है। कुंडली के अनुसार चयन जरूरी है।

Why This Is Different

गुरुजी का रत्न परामर्श क्यों अलग है?

कुंडली आधारित

लग्न, नक्षत्र स्वामी, दशा स्वामी और ग्रह बल देखकर रत्न चुना जाता है।

प्रमाणित रत्न

नकली या मिलावटी रत्न से बचने के लिए गुणवत्ता और प्रमाणिकता पर ध्यान।

सिद्धि अनुष्ठान

रत्न को मंत्र और विधि से अभिषेकित कर धारण योग्य बनाया जाता है।

धारण नियम

धातु, उंगली, दिन, मंत्र और सावधानियां स्पष्ट रूप से बताई जाती हैं।

Options

प्रमुख रत्न एवं उनके ग्रह

रत्न चयन हमेशा व्यक्तिगत कुंडली देखकर ही करें।

पन्ना (Emerald)

बुध ग्रह का रत्न, बुद्धि, वाणी, व्यापार और स्मरण शक्ति के लिए।

नीलम (Blue Sapphire)

शनि ग्रह का तेज प्रभाव वाला रत्न, केवल परीक्षण और परामर्श के बाद।

मूंगा (Red Coral)

मंगल ग्रह का रत्न, साहस, स्वास्थ्य, भूमि और मंगल दोष में उपयोगी।

पुखराज (Yellow Sapphire)

गुरु ग्रह का रत्न, ज्ञान, विवाह, संतान और भाग्य से जुड़ा।

माणिक्य (Ruby)

सूर्य ग्रह का रत्न, नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में सहायक।

मोती (Pearl)

चंद्र ग्रह का रत्न, मन, शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए।

Process

प्रक्रिया सरल और स्पष्ट

हर चरण में आपकी जानकारी, उद्देश्य और सुविधा को ध्यान में रखकर मार्गदर्शन दिया जाता है।

01

कुंडली विश्लेषण

जन्म विवरण और वर्तमान दशा के आधार पर ग्रह अनुकूलता देखी जाती है।

02

रत्न चयन

वजन, धातु, उंगली, दिन और विकल्प रत्न तय किए जाते हैं।

03

प्रमाणित रत्न व्यवस्था

जरूरत के अनुसार प्रमाणित रत्न और धातु की व्यवस्था पर मार्गदर्शन।

04

सिद्धि और धारण

मंत्र, पूजन और धारण विधि के साथ सावधानियां दी जाती हैं।

FAQs

सामान्य प्रश्न

क्या राशि के अनुसार रत्न पहनना सही है?

केवल राशि पर्याप्त नहीं होती। लग्न, ग्रह बल, दशा और दोष देखकर निर्णय लेना चाहिए।

नीलम के लिए विशेष सावधानी क्यों?

नीलम का प्रभाव तेज माना जाता है, इसलिए परीक्षण और अनुभवी परामर्श के बाद ही धारण करें।

रत्न की सिद्धि जरूरी है?

परंपरा के अनुसार मंत्र, शुद्धि और संकल्प से रत्न को धारण योग्य बनाया जाता है।

Booking Request

रत्न परामर्श बुक करें

जन्म विवरण, पहले से पहने रत्न और अपनी समस्या भेजें। गुरुजी कुंडली अनुसार सही रत्न और विधि बताएंगे।